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JPSC परीक्षा को लेकर एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को दिया आवश्यक निर्देश ।

  • शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न कराने के लिए एक हजार पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की प्रतिनियुक्ति ।

गोड्डा/रविवार को जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद है। शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त माहौल में परीक्षा संपन्न कराने के लिए करीब एक हजार पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
परीक्षा से एक दिन पूर्व शनिवार को पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश की अध्यक्षता में जिला स्‍तरीय अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। SP के द्वारा जेपीएससी परीक्षा को सुव्यवस्थित एवं कदाचारमुक्त माहौल में सम्पन्न कराने के लिए वरीय पदाधिकारियों एवं प्रतिनियुक्त अधिकारियों को परीक्षा के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। सभी केंद्र अधीक्षकों को जेपीएससी से उपलब्ध कराई गई मार्ग निर्देशिका के अनुरूप दिए गए दिशा निर्देशों के अनुपालन करने को कहा।


एसपी वाई एस रमेश ने संबंधित अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर जिले में कुल 17 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। जहां दो पालियों में परीक्षा संपन्‍न होगी। पहली पाली पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक एवं दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न 2 बजे से 4 बजे तक आयोजित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने सभी केंद्राधीक्षक को कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन कराने को कहा।कहा कि परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे मोबाइल, टैबलेट, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रानिक घड़ी आदि डिजिटल उपकरण ले जाना पूर्णत: निषेध रहेगा। निरीक्षण के दौरान किसी अभ्यर्थी के पास कोई डिजिटल उपकरण पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्राधीक्षकों को कोविड-19 गाइडलाइन के तहत परीक्षा संचालित कराने की भी बातें कही।

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झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारम्भिक प्रतियोगिता परीक्षा-2021 हेतु गोड्डा जिला में निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में स्वच्छ वातावरण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन हेतु प्रतिनियुक्त उड़नदस्ता दंडाधिकारी एवं पर्यवेक्षक-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। साथ ही प्रतिनियुक्त उड़नदस्ता दंडाधिकारी एवं पर्यवेक्षक-सह-स्टैटिक दंडाधिकारी का दायित्व एवं कर्त्तव्य को लेकर भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

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परीक्षा के दौरान किसी अभ्यर्थी द्वारा कॉपी, किताबें, नोट्स अथवा किसी प्रकार की निषिद्ध सामग्री का प्रयोग करने अथवा उसके पास से बरामद होने अथवा वीक्षक से दुर्व्यवहार करने, उत्तर पत्रक प्रश्न पत्र लेकर भाग जाने, उसे नष्ट करने या फाड़ देने, परीक्षा केन्द्र की सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने या अन्य कोई आपराधिक कृत्य करने पर केन्द्राधीक्षक द्वारा उसके विरूद्ध संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी जाएगी। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना या नकल कराना, उत्तरपुस्तिका लेकर भाग जाना, उसे नष्ट करना आदि कृत्य संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं जो भारतीय दण्ड संहिता 1960 की धारा 420, 379 तथा 426 एवं बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 (झारखंड परीक्षा संचालन अधिनियम 2001 के रूप में अंगीकृत) के संगत धाराओं के अन्तर्गत दण्डनीय है। ऐसे प्रकरणों में जुर्माना एवं सजा दोनों हो सकती है और उनका अभ्यर्थीत्व समाप्त किया जा सकता है।

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