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कोरोना ने ली जिन नागरिकों की जान, उनके आश्रितों को मिले पांच लाख का मुआवजा- दीपिका पांडेय सिंह

महागामा से कांग्रेस पार्टी की विधायक दीपिका पांडेय ने सीएम को चिट्ठी लिखी है। सीएम हेमंत सोरेन को लिखी चिट्ठी में विधायक दीपिका पांडेय ने कोरोना से जान गंवाने वाले युवा नागरिकों के आश्रितों, श्रमिकों और बीएड कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए सहायता की मांग की है। विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने इसके लिए तीन अलग-अलग चिट्ठी लिखी है। जानते हैं कि विधायक ने क्या मांग की।

कोरोना से मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखी पहली चिट्ठी में विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले युवा नागरिकों के आश्रितों की मुश्किलों का जिक्र किया है। दीपिका पांडेय ने लिखा है कि मीडिया और सोशल मीडिया से जानकारी मिलती है कि कोरोना के वजह से कई वैसे नागरिकों की जान चली गयी जिन पर परिवार की जिम्मेदारी थी। उनकी असमय मौत की वजह से परिवार के सामने कई मुश्किलें खड़ी हो गयी है। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। दीपिका पांडेय ने ऐसे आश्रितों के लिए पांच-पांच लाख रूपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है, ताकि आजीविका का संकट ना हो।

निबंधित श्रमिकों को दी जाये आर्थिक सहायता
विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने दूसरी चिट्ठी में निंबधित मजदूरों की मुश्किलों की ओर ध्यान दिलाया है। इस चिट्ठी में दीपिका पांडेय ने लिखा कि महामारी के वक्त निर्माण कार्य बंद हैं। लॉकडाउन में समस्या और भी ज्यादा बढ़ी है। श्रमिकों को महीनों से काम नहीं मिला। निंबधित श्रमिकों के सामने पूर्व से भी अनियमित रोजगार, अनिश्चित कार्यावधि, मूलभूत औऱ कल्याणकारी सुविधाओं का अभाव रहा है। लॉक़डाउन में काम नहीं मिलने की वजह से उनके समक्ष आजीविका का संकट पैदा हो गया है। उनकी सहायता किया जाना जरूरी है। दीपिका पांडेय ने सरकार से मांग की है कि निंबधित श्रमिकों को तत्काल पांच हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जाये।

ई-कल्याण स्कॉलरशिप पोर्टल खोलने की मांग
अपनी तीसरी चिट्ठी में विधायक दीपिका सिंह पांडेय ने बीएड के नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की समस्या की ओऱ ध्यान दिलाया है। इसमें जानकारी दी गयी है कि कोरोना महामारी की वजह से बीएड कॉलेज में नामांकन काफी देरी से हुआ है। इस बीच ई कल्याण स्कॉलरशिप का पोर्टल बंद हो गया। कई विद्यार्थी फॉर्म ही नहीं भर पाये। छात्रवृत्ति पाने वाले अनूसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति और आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्व वर्ग के विद्यार्थी स्कॉलरशिप फॉर्म नहीं भरने की वजह से इसका लाभ नहीं ले पाये। अभी 1 लाख 40 हजार रुपये की फीस भरी जानी है।
छात्रवृत्ति नहीं मिली तो फीस नहीं भरी जा सकेगी। परीक्षा में बैठने से भी वंचित किया जा सकता है। दीपिका पांडेय ने सीएम से मांग की है कि ई कल्याण स्कॉलरशिप पोर्टल को दोबारा खोला जाये ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा ना आये। आर्थिक परेशानी ना हो।

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09-23-2021 14:30:02×