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स्वामी विवेकानंद आश्रम में मिली अलौकिक ताकत की अनुभूति: रविंद्र नाथ महतो ।

अभय पलिवार/झारखंड विधान सभा अध्यक्ष ने की स्वामी विवेकानंद अनाथ आश्रम की संचालिका की तारीफ में कहा कि यह मानवीय संवेदना की प्रतीक है ।
गोड्डा/झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने कहा है कि आज के समय में सबसे बड़ी कमी मानवीय संवेदनशीलता की है। लोगों में संवेदनशीलता की कमी होती जा रही है।संकट में पड़े व्यक्ति की मदद करने के बदले लोग कतरा कर निकल जाते हैं। जबकि मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है।

मानवीय संवेदना की कमी चिंताजनक: रविंद्र नाथ महतो


विधानसभा अध्यक्ष ने यह बात रविवार को स्वामी विवेकानंद अनाथ आश्रम, गोड्डा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। श्री महतो ने कहा कि जिनके पीछे कोई नहीं, उनके पीछे खुद खड़ा होना बहुत बड़ी बात है। स्वामी विवेकानंद अनाथ आश्रम की संचालिका वंदना दुबे अनाथों का नाथ बनकर मानवता की सेवा कर रही है। यह बहुत ही काबिले तारीफ है।


विधानसभा अध्यक्ष ने मदर टेरेसा की चर्चा करते हुए कहा कि जब वह अपनी संस्था के लिए एक धनाढ्य व्यक्ति के पास चंदा लेने गईं थीं, तो उस व्यक्ति ने उनके मुंह पर थूक दिया था। मदर टेरेसा ने थूक को अपने चेहरे पर मलते हुए कहा यह हुआ मेरा पुरस्कार। अब मेरी संस्था के लिए आप क्या दे रहे हैं?
श्री महतो ने कहा कि वंदना दुबे को भी अनाथ आश्रम के संचालन के लिए बहुत प्रतिकूल परिस्थिति का सामना करना पड़ा होगा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मानवता की सेवा में लगी हुई हैं, जो काबिले तारीफ है। अपनी लगन, मेहनत एवं सेवा के बल पर वंदना राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत भी हो चुकीं हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अनाथों की सेवा एवं परवरिश करने के क्रम में अनाथ आश्रम की संचालिका वंदना दुबे को हर संभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आश्रम में अलौकिक ताकत की अनुभूति हुई है, उन्होंने सुश्री दुबे को सलाह दी कि इस मुहिम को विस्तार दें। संथाल परगना स्तर पर अनाथों के सेवा कार्य का विस्तार करें।
मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं बोरियो विधान सभा के झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम ने अनाथ आश्रम संबंधी अपने अनुभव को साझा किया। कहा कि उनके कहने पर वंदना दुबे ने अनाथ आश्रम में दो अनाथ बच्चों को लाकर नई जिंदगी दी है। उन दो बच्चों में एक नवजात था। बंदना ने मां बनकर ममता का फर्ज अदा किया एवं अभी भी कर रहीं हैं।

सगे भी नही करते परवरिश जैसे कर रही है बन्दना :लोबिन
लोबीन हेमब्रम ने कहा कि आज के जमाने में दूसरों के बच्चों की सगे संबंधी भी परवरिश नहीं करते। लेकिन वंदना दुबे भेदभाव से परे उठकर अनाथ बच्चों की सेवा करते हुए उनकी शिक्षा-दीक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं। किस तरह से बंदना इतने बच्चों की परवरिश कर रही है, पढ़ा लिखा कर अपने पैरों पर खड़ा करने में लगी हुई है, इसे मानवीय दृष्टिकोण से समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर आदमी को चाहिए कि अनाथ आश्रम को सहयोग दें।
मौके पर पूर्व विधायक एवं भाजपा के नेता प्रशांत कुमार ने कहा कि अनाथ बच्चों की सेवा करके गोड्डा की बेटी बंदना ने एक छाप छोड़ने का काम किया है। अब रोजगार की दिशा में भी पहल कर रही है। वंदना दुबे जिस काम को करने का बीड़ा उठाती हैं, उसे पूरा करती हैं।


कार्यक्रम का संचालन रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव सुरजीत झा कर रहे थे। अनाथ आश्रम की ओर से संचालिका वंदना दुबे ने एवं शहर की ओर से नगर परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मंडल ने अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। मौके पर जिला परिषद सदस्य घनश्याम यादव, झामुमो के जिला मंत्री वासुदेव सोरेन, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता ममता कुमारी, सुजाता, झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य राजेश मंडल आदि मौजूद थे।

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