जिले में भी हो सकता है बर्डफ्लू का खतरा !अब तक जिले में आधा दर्जन कौओं की मौत । – मैं हूँ गोड्डा- maihugodda.com
Home / ताजा खबर / जिले में भी हो सकता है बर्डफ्लू का खतरा !अब तक जिले में आधा दर्जन कौओं की मौत ।

जिले में भी हो सकता है बर्डफ्लू का खतरा !अब तक जिले में आधा दर्जन कौओं की मौत ।

जांच के लिए भोपाल भेजा गया मृत कौए का शव

अभषेक राज/जिले में बर्ड फ्लू का खतरा गहराता जा रहा है। दरअसल शहर में कई जगहों पर मृत कौएं का शव पाया जा रहा है। इसमें उपायुक्त आवास के आसपास भी पिछले दिनों कौएं का शव पाया गया था। इसके बाद से ही विभाग भी सतर्क है। कौएं से ज्यादा दूरी बनाने के लिए भी विभाग प्रयासरत है।

IMG-20190122-WA0002

सोमवार को जिला नियोजन कार्यालय के पीछे दो एक मृत व एक तड़पता हुआ कौआ पाया गया। जो उड़ नहीं पा रहा था। इसके अलावे भी मेहरमा, पथरगामा व महागामा में कौओं का मरना बदस्तुर जारी है। कही कही अधिकारियों के निर्देशानुसार मृत कौए को गड्ढा खोदकर जमींदोज किए जाने की भी बात कही जा रही है। रविववार को पशुपाल विभाग द्वारा मेहरमा से कौए का शव की जांच के लिए रांची भेज दिया गया है।

20181014_160921

जिसके बाद उसे भोपाल में लैब में जांच किया जाएगा। जिसके बाद ही पुष्टि हो पाएगी कि आखिर एक साथ कौएं की मौत क्यों हो रही है। लिहाजा अभी तक जिले में बर्ड फ्लू के वायरस की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन लगातार कौआ मरने के कारण बर्ड फ्लू फैलने की आशंका प्रबल हो गई है।
हालांकि जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. सदानंद महतो कहते हैं कि जबतक रिपोर्ट नहीं आ जाती है तबतक यह कहना संभव नहीं है कि कौए की मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई है या अन्य किसी कारण से। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट नहीं आने के बावजूद एहतियात जरूरी है। क्योंकि इस मौसम में बर्ड फ्लू के वायरस का प्रसार तेजी से होता है। इसलिए हर स्तर पर एहतियात बरतनी चाहिए।

IMG-20181207-WA0120

उनका एक तर्क यह भी था कि हर सृष्टि में हर जीव का जीने का एक समय सीमा है। अक्सर कौएं में देखा जाता है एक ही जगह वे लोग दम तोड़ते है।

सबसे पहले कौआ पर ही असर क्यों?

बर्ड फ्लू का संक्रमण पहले जिन जगहों पर होने की पुष्टि हुई वहां पहले कौए की ही मौत सामने आयी है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. सदानंद महतो बताते हैं कि कौआ मृत जानवरों को भी खाता है। कुछ जलीय जीव हैं जिसमें यह वायरस हमेशा पाया जाता है। इसमें साइबेरियन बर्ड और बत्तख आदि प्रमुख हैं। संभव है कि इनमें से किसी पक्षी की मौत हुई हो और कौओ ने वह मांस खाया हो। इसके बाद पक्षियों में भी यह बीमारी संपर्क से ही बढ़ता है।

सदर अस्पताल में है आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था : सीएस

इधर दूरभाष पर जब सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान से संक्रमण जैसे बीमारियों से निपटने के मूद्दे पर जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया कि वायरस जनित रोग अगर फेलता है तो इसके लिए विभाग तत्पर्य है। सदर अस्पताल में ऐसे रोगों के इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड है। इसके साथ चिकित्सकों को खास दिशा निर्देश भी दिया गया है। साथ ही जिले भर में कही भी ऐसा केस आता है तो इसकी जानकारी तुरंत जिला कार्यालय को देने की बात कही।

About मैं हूँ गोड्डा

MAIHUGODDA The channel is an emerging news channel in the Godda district with its large viewership with factual news on social media. This channel is run by a team staffed by several reporters. The founder of this channel There is Raghav Mishra who has established this channel in his district. The aim of the channel is to become the voice of the people of Godda district, which has been raised from bottom to top. maihugodda.com is a next generation multi-style content, multimedia and multi-platform digital media venture. Its twin objectives are to reimagine journalism and disrupt news stereotypes. It currently mass follwer in Santhal Pargana Jharkhand aria and Godda Dist. Its about Knowledge, not Information; Process, not Product. Its new-age journalism.

Check Also

What Is PFI: पीएफआई क्या है, कैसे पड़ी इसकी नींव?क्यों हो गया बैन,जाने सबकुछ ।

पीएफआई पर क्या आरोप हैं? पीएफआई क्या है? पीएफआई को फंड कैसे मिलता है? क्या …

07-18-2024 17:08:14×