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नेकी की दीवार : आपके पास अधिक हैं तो यहां पर दें और नहीं हैं तो यहां से लें ।

गोड्डा/एक कहावत है नेकी कर दरिया में डाल। लेकिन शहर में लोग नेकी को दरिया में नहीं दीवारों पर टांग रहे हैं। जी हां, गोड्डा-भागलपुर मुख्य मार्ग अवस्थित प्लस टू उच्च विद्यालय के दीवार पर नेकी की दीवार बनाई गई है।जहां से अब कई बेसहारों को मदद मिलेगी। ईरान की तर्ज पर शहर में ‘नेकी की दीवार’ बनाई गई है। इसका स्लोगन दिया गया है,अगर आपके पास अधिक है तो यहां पर दें और अगर नहीं है तो यहां से लें।

स्वामी विवेकानंद आश्रम ने की पहल :

शहर के राजेंद्र नगर में संचालित स्वामी विवेकानंद आश्रम की संचालिका वंदना दुबे के अनुसार ईरान में पिछले कुछ समय से लोगों ने ऐसी दीवारें तैयार की हैं। इन पर जरूरतमंदों के लिए लोग कपड़े टांगकर चले जाते हैं। इसी तरह जरूरत वाले लोग यहां से कपड़े ले जाते हैं। वहां इन दीवारों को ‘वॉल ऑफ काइंडनेस’ कहा जाता है। एक जगह यह खबर देखने के बाद जिले में भी इस तरह की मुहिम शुरू करने का निर्णय लिया गया। ईरान की इस दीवार वाली खबर देखकर काफी प्रभावित हुए। यहां भी इस तरह की जरूरत महसूस होने से पहल की गयी। इसके बाद जिला मुख्यालय के भागलपुर रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास आश्रम की ओर से नेकी की दीवार बनाई गई।

नेकी की दीवार पर मिलेगा सब :

अगर आपके घर में पुराने पहनने, ओढ़ने, बिछाने के कपड़े आदि जो भी है, जिसका आप प्रयोग नहीं कर रहे हैं और वह शहर के जरूरतमंदों के काम आ जाए। तो आप उक्त सामान को ‘नेकी की दीवार को दे दीजिए। यहां से जरूरतमंद आकर खुद इन्हें ले जाएंगे। कपड़े टांगने के लिए यहां खूंटियां लगाई गई हैं। यहां जरूरतमंद आकर अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी चीज ले सकता है। नेकी की यह दीवार उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अपने स्वाभिमान के कारण किसी के सामने हाथ नहीं फैलाते। जरूरतमंद लोग यहां अाकर अपनी जरूरत के हिसाब से चीजें ले सकते हैं। वंदना दुबे कहती हैं भले ही यह शुरूआत छोटी हो लेकिन शहर के लोग इसे आगे लेकर जाएंगे। लोग अपनी संवेदना जरूर दिखाएंगे।

लोग देते हैं, जरूरतमंद ले जाते हैं 

जब से नेकी की दीवार बनकर तैयार हुआ है तब से लोग रोज कपड़े,जुते,जैकेट ,कम्बल इत्यादि रोज लाकर नेकी की दीवार पर टांगकर चले जाते हैं ,और दूसरे दिन इसे कोई न कोई जरूरतमंद इसे उपयोग में लाने के लिए ले जाते हैं ।इसतरह से नेकी की दीवार से भी लोगों का भला हो रहा है ।अगर आपके पास भी अधिक है तो आकर दान करें,कोई जरूरतमंद आपकी चीजों का भी उपयोग कर धन्य होंगे ।

About मैं हूँ गोड्डा (कार्यालय)

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