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सूखाग्रस्त :जिले के अधिकांश हिस्सा सूखा से प्रभवित,पम्पिंग सेट के सहारे खेतों की प्यास बुझा रहे किसान ।

अभिषेक राज/स बार भी मानसून पूरी तरह से किसानों को दगा दे गया। जिसके कारण जिले के दो प्रखंड छोड़कर शेष सात प्रखंड पूरी तरह से सूखाग्रस्त है। इसमें सदर प्रखंड, सुंदरपहाड़ी, पोडैयाहाट, पथरगामा, महागामा, बोआरीजोर, बसंतराय शामिल है। जहां के किसान धनरोपनी के लिए पूरी तरह से किरोसिन और डीजल पर आश्रित हो गए है। जिले में अब तक मात्र 38 फीसद धनरोपनी हो पायी है। इस समय तक शतप्रतिशत धनरोपनी हो जाया करती थी। विभाग ने जिले में 51 हजार हेक्टेयर की भूमि पर धनरोपनी का लक्ष्य रखा है। लेकिन बारिश के इस कदर दगाबाजी ने ग्रहण लगा दिया है। इस सूखा के प्रकोप में सबसे अधिक गरीब व नीचे तबके किसान परेशान हो रहे है। उनके पास न तो पैसा है ना ही डीजल इंजन, जिससे वे धनरोपनी कर सके। वही ऊंचे तबके के किसान अब पूरी तरह से किरोसिन या फिर डीजल इंजन से खेती कर रहे है। लेकिन काफी जगहों पर जलस्तर नीचे चले जाने के कारण वहा के किसान लाचार है।

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दिन भर आकाश में छाये रहे बादल :

बुधवार को सुबह से ही बादल छाये रहे, दिन भर भी स्थिति ऐसी ही बनी रही। लेकिन बारिश नहीं हुई। यह स्थिति पिछले एक माह से बनी हुई है। पर्याप्त मात्रा में बारिश नहीं होने से
लगातार वर्षाभाव के कारण हालात अब विगत वर्ष के सुखाड़ की तरह दिखने लगे हैं। यही कारण है कि विगत दिनों जब बारिश हुई तो तो खुशी व गम दोनों दिखा। धान फसल के आच्छादन से जुड़े लगभग चार नक्षत्र बीतने को है लेकिन आधा बिचड़ा खेतों में गिर सका।

पन्द्रह अगस्त के बाद बनेगी रिपोर्ट :
सबसे बड़ा दुखद पहलू है कि सरकार एवं प्रशासन के आलाअधिकारी धरातल पर कुछ करने के बजाय सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ा रहे हैं। किसान को राहत के लिए कोई पैकेज की घोषणा अब तक नहीं की गई है। विभागीय जानकारों की माने तो स्वतंत्रता दिवस के बाद विभाग इस पर समीक्षा करेगी। साथ ही सूखाग्रस्त पर एक रिपोर्ट तैयार करेगी।
खूंटी और गोड्डा की स्थिति सबसे खराब : राज्य द्वारा सूखाग्रस्त के आकलन में गोड्डा और खूंटी जिला की स्थिति सबसे खराब है। जहां वर्षा ना के बराबर हुई है। इसके बाद भी अब तक सरकार या फिर जिला प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। जिससे किसानों की पूंजी बचायी जा सके।

किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग :

सदर प्रखंड के हरिपुर गैरबन्ना गांव के राजेंद्र मंडल, विकास कुमार, प्रकाश भंडारी आदि किसानों ने कहा कि जिले में वर्षा न होने से कृषि की स्थिति भयावह हो चुकी है। रोपणी तो दूर बिचड़ा तक खेतों में नहीं गिर सका है। सरकार व प्रशासन कुछ नहीं कर रहे है। विगत वर्ष में भी सुखाड़ के बाद ढेरों घोषणा की गई लेकिन एक भी धरातल पर नहीं उतरी। ऐसे में सरकार हालात पर त्वरित कार्यवाई करे। किसानों में मायूसी है।

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