Home / ताजा खबर / अधिवक्ता दिवस पर स्व.बीरेंद्र नाथ दुबे के फोटो का जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम द्वारा हुआ अनावरण ।

अधिवक्ता दिवस पर स्व.बीरेंद्र नाथ दुबे के फोटो का जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम द्वारा हुआ अनावरण ।

जिला अधिवक्ता संघ के द्वारा अधिवक्ता दिवस के अवसर पर (जो देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के जन्मदिवस पर मनाया जाता है ) कार्यक्रम का आयोजन हुआ कार्यक्रम देर रात गोड्डा कोर्ट परिषर में चलता रहा युवा अधिवक्ता संघ के द्वारा वरीय अधिवक्ताओं को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित भी किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के द्वारा स्व.बीरेंद्र नाथ दुबे के तस्वीर का अनावरण कर किया गया ।

कौन थे स्व.बीरेंद्र नाथ दुबे ?

स्व बीरेंद्र नाथ दुबे का जन्म 03_10_1934 को बाघमारा गांव में हुआ था जो देवघर जिले के जसडीह थाना अंतर्गत डाबरग्राम के निकट है ।

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उनकी शिक्षा बी ए एल एल बी थी और उन्होंने 07-01-1964 बिहार बार काउंसिल पटना द्वारा लाइसेंस प्राप्त किया था ।गोड्डा कोर्ट में उन्होंने 13_01_1964 को नामांकन किया था ।
13-01-1964 से लगातार 53 वर्ष तीन महीना बीस दिन तक उन्होंने अपना विधि व्यवसाय किया।
वे पांच बार लगातार जिला अधिवक्ता संघ गोड्डा के अध्यक्ष पद पर सुशोभित हुए ,वे स्पेशल पी.पी पद पर जिला न्यायालय में भी रहे । वे ए जी पी पद पर भी कार्यरत रहे ,उन्होंने समाजिक कार्य मे योगदान किया और इसके लिए वे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस सप्ताह समारोह के कमिटि के सचिव पद पर कई बार चयनित हुए ।

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वे शुरू से पहले जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में राजनीतिक जीवन व्यतीत किये ।उनका सम्पूर्ण जीवन एक मिशाल है जिसमे उन्होंने अपने हर एक कार्य को पूरी तनमयता और ईमानदारी के साथ किया और एक उदयात व्यक्तित्व का स्वरूप प्राप्त किये ।वे आकर्षक व्यक्तित्व के थे ,और ईमानदारी उनकी नियती थी,और इसी के साथ उन्होंने अपना पूरा वकालत व्यवसाय को निभाया ।

स्व .दुबे के कुछ अनछुये पहलू ।

उनके छोटे पुत्र की असमय मृत्यु ने उन्हें तोड़ दिया जिससे वो बीमार रहने लगे ,उनके द्वितीय पुत्री के पति का असमय मृत्यु जो उनके दुःख का बड़ा कारण था ।वर्तमान में उनके चार पुत्रियां एवं दो पुत्र और पत्नी जीवित हैं ,जिन्हें छोड़कर वे दिनांक 03_05_1917 को संध्या 5.10 बजे सदा के लिए परमधाम को पधार गए ।

स्व.दुबे से जुड़े विशेष तथ्य !

उन्होंने अपने मृत्यु के दिन भी एक पूर्ण अधिवक्ता के रूप में कार्य किया है जिसमे श्री गौरव खुराना प्रथम श्रेणी में आये दंडाधिकारी के न्यायालय में एक बेल कराया और उसी दिन उन्होंने उपायुक्त गोड्डा न्यायालय में एक नया अपील वाद दायर की ।अर्थात वे अपने जीवन के अंतिम दिन भी अधिवक्ता व्यवसाय को पूर्णरूपेण अमल किये ।
अधिवक्ता दिवस के अवसर पर उनकी तस्वीर का अनावरण होने के बाद सभी न्यायिक पदाधिकारी के साथ साथ सभी अधिवक्ताओं ने उन्हें नमन किया ।

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अधिवक्ता दिवस के इस कार्यक्रम में युवा अधिवक्ता संघ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किया गया जिसने युवा एवं वरीय अधिवक्ताओं ने अपने कला से सबका मनोरंजन करवाया ।
इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय साथ ही सीजीएम गोड्डा ,सवजज प्रथम गोड्डा ।प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी गन उपस्थित थे ।इसके अलावा स्व.दुबे के दोनो पुत्र भी कार्यक्रम में मौजूद रहे ।साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी फुलेश्वर मुर्मू भी देर रात तक अवस्थित रहे ।

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