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बेकार साबित हो रहा है लाखों रूपयें का बना शौचालय ।

स्वच्छ भारत अभियान की निकल रही हवा

स्वच्छता के सर्वे में गोड्डा शहर यूं ही सबसे पिछड़ा नहीं है, बल्कि शहर की ऐसी व्यवस्था ही रही है, जो शहर को पिछड़ा रखने में सहयोग करती रही है। हाल के दिनों में केंद्र सरकार की ओर देश के 434 शहरों व नगरों में कराये गये स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद जारी रिपोर्ट में गोड्डा शहर काफी पिछड़ा रहा है। जो कहीं न कहीं यह जाहिर करता है कि शहरी व्यवस्था और सुविधाएं शहर को हमेशा पछाड़ रही हैं। शहर में घर से बाहर निकलने पर हर मोड़ पर सार्वजनिक शौचालय आपको मिल जाएगा। लेकिन कभी इन शौचालय में पानी नहीं मिलेगा। पीले रंग के इस शौचालय का निर्माण विगत छह माह पूर्व ही नगर परिषद ने कराया था। लेकिन आज तक इसमें पानी की व्यवस्था नहीं करा पाए। यही कारण है कि शहर के चौक-चौराहों और मंडियों में खुले में शौचमुक्ति अभियान का मजाक बन रहा है। ऐसा नहीं कि जिम्मेदार इस हकीकत से वाकिफ नहीं है लेकिन हालात सुधारने का प्रयास नहीं किया जा रहा। इन शौचालय का रख-रखाव कुछ ऐसा है कि आदमी उसे देख कर ही दूर भागता है।

 टूटा पड़ा यूरिनल 
टूटा पड़ा यूरिनल

शौचालय के पास गंदगी का अंबार :

शहरवासियों का कहना है कि इसका रखरखाव ही संभव नहीं था तो सरकारी राजस्व को बरबाद क्यों किया गया। शहर के नगर थाना के समीप, सब्जी मंडी, पोस्टऑफिस के पास, कचहरी मोड़, ब्लॉक परिसर में बने शौचालय दूर से ही दुर्गंध करते हैं और इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। हाल ही में गांधी मैदान में एक नया सार्वजनिक शौचालय बन कर तैयार हुआ है।

शौचालय के बाहर जमा गंदगी
शौचालय के बाहर जमा गंदगी

पहले की तरह ही न हो जाये हाल :

लोगों की सुविधा और स्वच्छता के लिए सार्वजनिक शौचालय शहर में होना अनिवार्य माना जाता है। खुले में जब शौच की बात होती है, तो लोग सीधे गांव पर उंगली उठाते हैं, लेकिन शहर के हालात भी गांव से कुछ कम नहीं। सार्वजनिक शौचालय के अभाव में शहर के मुख्य सड़कों से लेकर वार्डों की सड़कों पर शौच कर देते हैं। लेकिन, इस पर किसी का ध्यान नहीं। हाल में शहर के विभिन्न वार्ड में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया।

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गंदगी से भरा शौचालय

लेकिन, लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि लाखों रुपये लगा कर बने सार्वजनिक शौचालय का हश्र भी क्या पूर्व में बने सार्वजनिक शौचालय के तरह होना है या इसका रखरखाव करते हुए आगे शहर में सार्वजनिक शौचालय व यूरिनल की व्यवस्था भी बनायी जायेगी।

About मैं हूँ गोड्डा (कार्यालय)

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