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जानिए किसे और क्यों जरूरी क्वॉरेंटीन ?

क्वॉरेंटीन (Quarantine) का अर्थ है संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से कुछ अवधि तक संक्रमण प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों की आवाजाही और दूसरे लोगों से मिलने जुलने पर प्रतिबंध। ऐसी संभावना रहती है कि पूरी तरह से स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति भी संक्रामक रोगों के संसर्ग में आए हों लेकिन उन्हें इस बात का पता नहीं है अथवा उनमें वायरस का संक्रमण हो चुका हो लेकिन वे किसी तरह के लक्षण नहीं दिखा रहे हों। क्वॉरेंटीन (Quarantine) की अवधि में व्यक्ति को समाज से दूरी बनाकर बीमारी के लक्षणों के उभरने तक की अवधि के लिए पूरी तरह से अलग रखा जाता है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए क्वॉरेंटीन (Quarantine) की अवधि 14 दिनों की है। उपायुक्त श्री सुनील कुमार ने क्वॉरेंटीन (Quarantine) की आवश्यकता और कुछ अन्य तथ्यों को विस्तार से बताया

क्वॉरेंटीन (Quarantine) करने की आवश्यकता किन्हें है
उपायुक्त सुनील कुमार ने बताया कि क्वॉरेंटीन (Quarantine) सिर्फ वैसे लोगों को करना चाहिए जो कि पिछले 14 दिनों में विदेश से आए हैं या किसी अन्य राज्य से आए हैं। ऐसे व्यक्तियों को एक नोटिस भी दिया जा रहा है कि वे क्वॉरेंटीन (Quarantine) हो जाएं। 14 दिन अपने घर में आइसोलेशन में रहें, ताकि इस अवधि में यदि कोई लक्षण दिखता है तो टेस्ट करा कर इलाज प्रारंभ किया जा सके; अथवा यदि कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो निश्चिंत हो सकते हैं।

फ्लू जैसे लक्षण में कोरोना का टेस्ट कराने या भयभीत होने की जरूरत नहीं
उपायुक्त सुनील कुमार ने बताया कि यदि सामान्य तौर पर किसी को सर्दी खांसी जैसे लक्षण हैं तो उन्हें कोरोना का टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। सामान्य तौर पर इस मौसम में हजार में से एक व्यक्ति को फ्लू की समस्या हो सकती है। फ्लू की स्थिति में कोरोना का टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। कोरोना का टेस्ट कराने की जरूरत तभी है यदि आप विदेश से आए हैं और आपमें लक्षण परिलक्षित हैं अथवा आप कोरोना प्रभावित व्यक्ति के निकट संपर्क में आए हैं, या जिनके परिवार में किसी और को कोरोना का संक्रमण हुआ है। डॉक्टर एएनएम, स्वास्थ्य कर्मी या अस्पताल में पहले से भर्ती कोई मरीज यदि लक्षण प्रदर्शित होते हैं तो उनकी टेस्टिंग करेंगे। शेष किसी को कोरोना का टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।

विदेश अथवा अन्य राज्यों से आने पर 14 दिन का अनिवार्य क्वॉरेंटीन (Quarantine)
विदेश अथवा बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्ति होम क्वॉरेंटाइन में 14 दिन रहें, इसके बाद उनको श्वसन से संबंधित कोई समस्या नहीं होती है तो निश्चिंत रहें। बुखार किसी अन्य कारण से भी हो सकता है जोकि पेरासिटामोल जैसी टैबलेट से खत्म हो सकता है। लेकिन जिसकी हिस्ट्री है -जो इटली, अमेरिका जैसे देशों से आए हैं या जिनके परिवार में किसी को कोरोना हुआ है, दूसरे राज्य से आए हैं, जिनके रूममेट को कोरोना हुआ है ऐसे व्यक्ति यदि जिले में आ गए हैं तो उन्हें भी चिन्हित कर उनका टेस्ट कराया जाना है।

होम क्वॉरेंटीन (Quarantine) में रहें अथवा क्वॉरेंटीन (Quarantine) सेंटर में 
यदि कोई व्यक्ति दूसरे राज्य से आए हैं और उनकी आर्थिक स्थिति और घर की व्यवस्था ऐसी नहीं है जो कि पूरे साफ-सफाई के साथ होम क्वॉरेंटीन (Quarantine) हो सकें तो उनको क्वॉरेंटीन (Quarantine) सेंटर में रहने की व्यवस्था की गई है। क्वॉरेंटीन (Quarantine) सेंटर में दूसरे राज्यों से आए वे व्यक्ति भी 14 दिन तक रहेंगे जो घर में क्वॉरेंटीन (Quarantine) नहीं होना चाहते।

कौन होंगे क्वॉरेंटीन (Quarantine)
क्वॉरेंटीन (Quarantine) सेंटर या होम क्वॉरेंटीन (Quarantine) में वैसे व्यक्ति भी रहेंगे जिनको किसी तरह के लक्षण नहीं हैं और वे विदेश या अन्य राज्यों से आए हैं। विदेश या राज्य के बाहर से आने वाले ऐसे व्यक्ति जो अपने घर में क्वॉरेंटीन (Quarantine) नहीं होना चाहते या जिनके पास घर में क्वॉरेंटीन (Quarantine) होने के लिए उचित साफ-सफाई और आइसोलेशन स्पेस की व्यवस्था नहीं है उन्हें 14 दिन के लिए क्वॉरेंटीन (Quarantine) सेंटर में रखेंगे। 14 दिन की क्वॉरेंटीन (Quarantine) अवधि पूर्ण होने के बाद वे अपने गांव / घर जा सकते हैं।

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