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कस्तूरबा विद्यालय के सुरक्षा में लापरवाह बना विभाग !

सीसीटीवी, कटीले तार, सुरक्षा प्रहरी की व्यवस्था में रवैया ढुल मूल

जहां एक ओर पूरे देष में बेटियां असुरक्षित है। आए दिन समाज को ष्षर्मसार कर देने वाली घटनाएं सामने आ रही है। इसके बावजूद कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सुरक्षा में षिक्षा विभाग ढुल मूल रवैया अपना रहा है। बुधवार को प्रकाष में आए एक लड़की चौबीस घंटे गायब रहने के मामले में विभाग की लापरवाही सामने आयी है। इसमें कई ऐेसे सुरक्षा के विभाग काफी लापरवाह साबित हुआ है। घाट बंका स्थित गोड्डा कस्तूरबा विद्यालय का सीसीटीवी कैमरा खराब मिला है।

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यह बात तब सामने आयी जब इंस्पेक्टर ब्रजकिषोर कुमार छात्रा गायब रहने के मामले में जांच में पहुंचे थे। उन्होंने स्कूल में लगे सभी सीसीटीवी खराब पाए थे। इसके अलावे एक सुरक्षा प्रहरी के रहने पर भी ध्यान देने को कहा था।

पथरगामा कस्तूरबा प्रकरण सहित अन्य मामले में विभाग हुआ था सजग :

विगत दो वर्ष पूर्व पथरगामा कस्तूरबा प्रकरण के अलावे राज्य के अलग अलग जिलों के कस्तूरबा विद्यालय में कई ऐसी घटनाएं हुई जिसके बाद राज्य परियोजना ने विद्यालय के सुरक्षा को और दुरूस्त करने का फैसला लिया था। इसके बाद ही पूरे राज्य के करीब तीन सौ कस्तूरबा विद्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे। गोड्डा जिला के आठ कस्तूरबा में कुल 44 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके अलावे भी कई दिषा निर्देष तत्कालीन राज्य परियोजना निदेषक राजेष्वरी बी ने दिया था। इसमें विद्यालय के चाहरदीवारी पर कटीले तार भी लगवाने के निर्देष दिए थे। बजायपता इसका पत्र भी सभी जिलों में भेजा गया था। लेकिन गोड्डा जिले में आज तीन वर्ष बाद भी इस दिषा में कोई पहल नहीं किया गया।

आज तक तैनात नहीं हुई महिला पुलिस :

पथरगामा कस्तूरबा प्रकरण के बाद न जाने प्रषासनिक स्तर से कितने बदलाव हुए। इसके साथ साथ नियमों में भी बदलाव हुआ। लेकिन जहां पर कस्तूरबा विद्यालयों के सुरक्षा की आती है तो अधिकांष पत्र फाइलों में धूल फांकते है। इसमें ही एक महत्पवूर्ण पत्र तत्कालीन परियोजना निदेषक मुकेष कुमार का भी था। जिसमें मुख्य सचिव के निर्देष पर सभी कस्तूरबा विद्यालयों में महिला पुलिस बल की तैनाती की जानी थी। साथ ही साथ रात्रि में पुरूषों की प्रवेष निषेध का भी नियम बनाया था। लेकिन आज तक किसी भी कस्तूरबा में महिला पुलिस की तैनाती नहीं की गयी। आज भी स्कूलों की सुरक्षा प्राइवेट गार्ड जो बिना किसी आत्मरक्षा हथियार के ही विद्यालय की छात्राओं की सुरक्षा कर रहे है। जानकारों की माने तो यह निजी गार्ड की तैनाती महज एक खानापूर्ति की जा रही है। काफी कम मेहताना पर रोजाना मजदूरी पर निजी गार्ड को रख कर विभाग कॉरम पूरा कर रहा है। इसके अलावे भी कई नियम सिर्फ कागज पर पूरे किए जा रहे है। इसमें रोजाना ष्षाम को खैरिय रिपोर्ट, छात्राओं की काउंसिलिंग, सप्ताह में छात्राओं को तीन पर ही मुलाकात आदि शामिल है।

क्या कहते है डीएसई :

सभी कस्तूरबा विद्यालय की वार्डनों के साथ बैठक कर दिषा निर्देष दिया गया है। छात्राओं की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार की चूक न हो इसके लिए भी निर्देष दिया है। सीसीटीवी की समय समय पर मेंटेनेंस रखें ।
जितेन्द्र कुमार सिन्हा, डीएसई, गोड्डा

 

मैं हूँ गोड्डा से “अभिषेक राज “की रिपोर्ट

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