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ट्विटर की सरकार में 2 घण्टे में ठेकेदार के चंगुल से बचाया गया 13 मजदूर ,गोड्डा2गोआ पुलिस हुई थी सक्रिय ।

महगामा प्रखंड के अलग अलग पंचायत के करीब 13 मजदूर ठेकेदार के चंगुल से कैसे बाहर आया और कैसे ट्विटर की सरकार ने उन 13 मजदूरों को आजाद किया इसकी कहानी आफताब से शुरू करते हैं .

राघव मिश्रा/आफताब अपने साथियों के साथ नवंबर माह में गोआ के पंजी के मस्ता थाना क्षेत्र के सारातोड़ा में काम करने गया था ,उसके साथ महगामा प्रखंड के परसा,रामकोला,सिमराकित्ता समरी पंचायत से कुल 13 लोग थे जो गोआ में मकान रंगाई का काम करते थे ।

गोआ में फंसे थे महगामा के मजदूर
गोआ में फंसे थे महगामा के मजदूर

आफताब के साथ साथ उन 13 मजदूरों को नही पता था कि गोआ जाकर हम बुरी तरफ फंस जाएंगे और तो और कोरोना वायरस भी सभी के लिए नया ही था,टीवी रेडियो और मोबाइल में खबरों को देख आफताब को लग रहा था कि अपने देश में भी कुछ विकट समस्या आ रही है ,आफताब और उसके साथी आने की तैयारी में थे लेकिन पास में पर्याप्त पैसे नही रहने के कारण समय पर निकल न सका और इसी बीच देश में जनता कर्फ्यू की घोषणा हो गई,जनता कर्फ्यू खत्म होते ही पूरे देश मे लॉकडाउन लग गया,जिस कारण गोआ में फंसे महगामा के उन सभी 13 मजदूर भी वहीं फंसे रह गए ।जिनमे आफताब असलम,अश्फाक,अब्द्दुल,आसिम, गुुुलजाार हैैदर आदि कुुुल 13 लोग फंसे हुए थे ।इनकी माली हालात कमजोर होती गई लॉकडाउन बढ़ता गया ,हलांकि आफताब ने मैं हूँ गोड्डा को बताया कि काफी दिनों तक रुम में बिताए चूंकि काम भी बंद पड़ा था ,इस बीच कुछ मोहल्ले वालों की मदद मिली जिससे राशन पानी चल रहा था ।

ठेकेदार के चंगुल में फंस गया था मजदूर :

आफताब बताता है कि हम सभी 13 मजदूर लॉकडाउन में अपने रूम पर ही थे ,घर पर सभी चिंतित थे इसलिए घर आने की चाहत बढ़ रही थी ,फिर पता चला कि अब गाड़ियां भी चलेगी ,तो हमने पास के थाने में पहुंचकर फॉर्म भरा ,थाने वालों ने बताया कि आपसभी ऑनलाइन फॉर्म भर दें सभी को मैसेज आएगा ,फिर हमसभी ने आनलाइन फॉर्म भरकर मैसेज आने का इंतिजार करने लगे लेकिन इसी बीच देवेन्द्र नाम का ठेकेदार (जो बिल्डिंग बनवाता है) आकर हमसभी को बहला फुसलाकर काम का लालच पर ले गया,और बोल रहा था कि सबको पहुंचा देंगे घर.मजबूरी वस पैसे की लालच में फिर से हमसभी काम पर जाने लगे,लेकिन काम पर जाकर रोज मैसेज भी चेक करते थे और काम भी करते थे ,डर लग रहा था कि पता नही घर जा पाऊंगा या नही .सभी ने ठेकेदार को कहा भी की आप लिखित दीजियेगा की हमसबको पहुंचा दीजियेगा घर? लेकिन ठेकेदार इस बात पर कोई जवाब नही दे रहा था, तब काम के दौरान ही परसों मैसेज आया की आपकी ट्रेन रात 10 बजे है,और 6 बजे शाम तक स्टेशन पहुंचना है । मैसेज देखकर खुशी का ठिकाना नही था ।

लेकिन इधर हमसब आना चाह रहे थे उधर ठेकेदार हमसभी के साथ जबरदस्ती कर रहा था ,हमसभी के रूम पर समान पैक था इसलिए हमलोग वहां से किसी तरह 3 बजे शाम में भाग निकले ,पड़ोस में ही एक गाड़ी रिजर्व किया और स्टेशन की ओर चल दिया ।लेकिन ठेकेदार ने हम सभी के पीछे एक गाड़ी से पीछा किया.पीछाकर हमारी गाड़ी को लौटाकर साइड ले जाने लगा इस बीच हमने ड्राइवर को कहा भी कि गाड़ी छूट जाएगी जल्दी स्टेशन जाना है. लेकिन ड्राइवर लोकल रहने के कारण ठेकेदार की बातों में लौट गया ।फिर ठेकेदार ने उस गाड़ी के ड्राइवर को डांटकर भगा दिया और हमारे साथियों के मोबाइल को भी छिन लिया .साथ ही धमकी भी दे रहा था कि नही जाने देंगे.जिसको बोलना है बोल दो ।

ट्रेन से वापस आते सभी मजदूर
ट्रेन से वापस आते सभी मजदूर

डर के बावजूद हिम्मत नही हारा:

आफताब और उसके साथी काफी डरे हुए थे आफताब और दो अन्य साथी के अलावा सभी के मोबाइल भी जब्त कर लिए गए थे और बंधक के रूप में सभी ठेकेदार के चंगुल में फंस चुका था ।इधर चुपके से आफताब अपने विधायक दीपिका पांडे सिंह को फोन लगा देता है और अपनी आपबीती सुनाता है ।

महगामा विधायक की पहल :फिर शुरू हुआ ट्विटर पर एक्शन :
शाम के 6 बजकर 56 मिनट पर विधायक ने झारखण्ड पुलिस एवं डीजीपी एवं डीसी गोड्डा को टैग करते हुए ट्वीट करती है और मामले को संज्ञान में देती है ।

रात के 7:13 मिनट पर डीजीपी झारखण्ड मांडवा वी राव का ट्वीट आता है और झारखण्ड पुलिस और गोआ पुलिस को आपस मे कॉर्डिनेट करने को कहा जाता है ।

रात आठ बजकर तीन मिनट पर झारखंड पुलिस का ट्वीट आता है कि सीनियर पुलिस के टच में है सभी मजदूर गोआ पुलिस मदद कर रही है ।

रात के 8 बजकर 27 मिनट पर गोड्डा पुलिस कप्तान वाय एस रमेश सक्रिय हो जाते हैं और अपनी जी तोड़ कोसिस में लग जाते हैं.चूंकि मजदूरों के ट्रेन की समय 10 बजे रात में थी ।

8:27 में गोड्डा पुलिस कप्तान ने डीजीपी को ट्विटर पर रिप्लाय देते हुए लिखते हैं की आईजी गोवा राजेश सर सर एवं / एसपी नॉर्थ उत्कृष्ट से बात हुई है । वे काम पर हैं .हमने ऊपर दिए गए नंबर पर मजदूरों से भी बात की। हमने ठेकेदार से भी बात की, उन्हें तुरंत सभी को रिहा करने और ट्रेन में चढ़ाने की हिदायत दी, अन्यथा गोवा पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।

गोड्डा 2 गोआ पुलिस हुई सक्रिय:

एसपी गोड्डा वाय एझ रमेश ने हमे बताया कि आईजी गोआ राजेश सर के साथ हमने ट्रेंनिग ली थी इसलिए अच्छी जान पहचान पहले से थी ,उत्कृष्ट भी बैच मैट में थे तो अच्छी कॉम्बिनेशन की वजह से हमने तुंरन्त कार्रवाई करने को कहा ।उनके सहयोग से कम समय मे मजदूरों को ठेकेदार के चंगुल से छुड़ाने में सफल हुए और ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया ।सभी मजदूर अपने घर की ओर निकल सके ।पुलिस कप्तान ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।

इस बीच गोआ पुलिस मजदूरों के पास पहुंच चुकी थी,ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया था .सभी के छीने हुए मोबाइल वापस मिल चुके थे.गोड्डा एसपी के आग्रह पर गोआ पुलिस सभी मजदूरों को स्कॉट करके रेलवे स्टेशन पहुंचा चुकी थी ।मजदूरों ने हमे बताया कि वहां जो पुलिस आई थी उन्होंने काफी सहयोग किया उन्होंने टिकट भी लाकर हमे दिया हमलोगों को फिर कोई दिक्कत नही हुई ।

रेलवे स्टेशन पर मजदूरों को पहुंचाकर गोआ नार्थ के एसपी उत्कर्ष ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी 10 बजकर 9 मिनट पर दी ।

जिसके बाद झारखण्ड के डीजीपी ,झारखण्ड पुलिस के अलावा महगामा विधायक दीपिका पांडे सिंह ने भी ट्विटर पर पुलिस के त्वरित एक्शन पर गोड्डा से लेकर गोआ के सभी पुलिस कर्मी का आभार व्यक्त किया ।

मजदूर भी भय के चंगुल से बाहर होकर छुक छुक करती रेल पर बैठकर अपने आशियाने की तरफ बढ़ रहे थे और अपनी पूरी व्यथा मैं हूँ गोड्डा को सुनाए जा रहे थे ।जब ट्रेन उड़ीसा से होते हुए बंगाल के रास्ते झारखण्ड में प्रवेश की तो आसनसोल के बाद ट्रेन ने रास्ता बदल लिया ,फिर मजदूर घबरा गए लेकिन हमने उन्हें ढाढ़स बंधवाया और फिर उन लोगों ने गूगल मैप के सहारे रास्ता देखकर मिहिजाम जामताड़ा के रास्ते ट्रेन घूमती हुई आखिरकार देर रात जसडीह स्टेशन पहुंची और वहां से सभी बस द्वारा महगामा पहुंच गए ,अपने प्रखंड पहुंचकर मजदूरों ने सभी मददगारों को धन्यवाद कहा और काफी खुश दिखे ।इस बीच हमने पूछ लिया कि सबसे ज्यादा धन्यवाद किसे देना चाहोगे तो उन्होंने कहा कि सबसे पहले दीपिका मैम को और फिर सबसे ज्यादा गोड्डा के एसपी सर को जिन्होंने हसभी को भरपूर मदद किया है ।

महगामा में जांच के बाद सभी को होम क्वारेंटाइन में भेज दिया गया है .हमे उन सभी मजदूरों ने बताया कि घर जाकर लॉकडाउन और होम कवारेंटाइन का पूरा पालन करेंगे ताकि हमारे कारण किसी और को दिक्कत न हो ।

इधर गोड्डा एसपी वाय एस रमेश लगातार ऐसे कार्यों में लगे हुए हैं जबतक गोआ से मजदूर लौटकर घर पहुंच रहे थे तबतक इसी बीच एसपी गोड्डा को फिर ऐसी ही चुनौती भरा कार्य करना था ।

सांसद के ट्वीट पर एसपी की पहल जारी

मामला था जम्मू कश्मीर में मजदूरों के फंसे होने की खबर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्विटर के माध्यम से दिया ।उन्होंने लिखा कि जम्मू में गोड्डा लोकसभा के कुछ मज़दूरों को स्टील प्लांट ने रोक रखा है व उनकी आज ही वापसी की ट्रेन है ।सांसद ने कई अधिकारी और मंत्री को टैग कर ट्वीट किया था ।

जिसके बाद झारखण्ड पुलिस के ट्विटर हैंडल से रिप्लाय आता है कि उक्त संबंध में झारखण्ड के वरीय पुलिस पदाधिकारी जिला पुलिस जम्मू से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।

ट्विटर पर ही गोड्डा एसपी वाय एस रमेश ने सांसद को रिप्लाय देते हुए आस्वस्त किया कि हम जम्मू पुलिस के संपर्क में हैं जल्द मदद मिलेगी ।आगे एसपी गोड्डा ने अपने ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा कि ट्रेन 28 तारीख की सुबह कटरा से है ।दी गई जानकारी के अनुसार दिए गए नंबर से प्राप्त हुई है। पीएसपी जम्मू श्रीधर पाटिल मदद कर रहे हैं ।

इस प्रकार लगातार आलोचनाओं को झेल रही सरकार या सरकार में बैठे अधिकारी की ऐसी कार्यप्रणाली को ट्विटर की सरकार कहने में भी गुरेज नही ।जिस प्रकार सूचनाओं के आदान प्रदान का तंत्र में बदलाव आया है वैसे ही सरकारी कार्य प्रणाली में भी काफी बदलाव आया है । सरकार में बैठे कुछ अधिकारी और पदाधिकारी भी अपने आप को यह साबित कर दिए हैं कि देश में ईमानदारों ऑफिसर कम नही है ।

इधर गोड्डा पुलिस एवं उन नेताओं की ट्विटर पर जमकर तारीफ हो रही है ।त्वरित कार्यवाई करने के लिए लोग सभी को शुक्रिया दे रहे हैं ।

About मैं हूँ गोड्डा (कार्यालय)

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