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सांसद निशिकांत दुबे व उनकी पत्नी पर दस्तावेज से छेड़छाड़ का मामला दर्ज ,सांसद ने कहा मुख्यमंत्री के इशारे पर हुआ है मुकदमा ।

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी के खिलाफ दस्तावेज से छेड़छाड़ के मामले में केस दर्ज हुआ है. यह मामला सोमवार को विष्णुकांत झा की शिकायत पर देवघर नगर थाने में दर्ज हुआ है.

विष्णु कांत झा के द्वारा थाने में दिये गये आवेदन के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के तिवारी चौक स्थित एलओकेसी धाम की रजिस्ट्री 29 अगस्त 2019 को हुई थी जिसकी निबंधन संख्या 770 है.

आरोप ये है कि निशिकांत दुबे के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर सभी पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत करके रजिस्ट्रार, सब रजिस्टार, देवघर सीओ, अनामिका गौतम,और एक वकील द्वारा शपथ पत्र में छेड़छाड़ की गयी है.

20 करोड़ मूल्य की जमीन को 3 करोड़ में निबंधित करा लिया गया

विष्णु कांत झा के द्वारा की गयी शिकायत में कहा गया है कि इस जमीन का सरकारी मूल्य 20 करोड़ रुपये है जिसको सिर्फ 3 करोड़ रुपये में निबंधित करा लिया गया है जो कि नगद स्वरूप अनामिका गौतम और उनकी कंपनी के द्वारा करायी गयी है और यह नियम के विरुद्ध है.

इतने बड़े पैमाने पर नगदी लेनदेन का प्रावधान नहीं है. इन सभी लोगों ने मिलकर झारखंड सरकार और केंद्र सरकार को बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व घाटा पहुंचाने की साजिश रची है.

सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी के खिलाफ दर्ज हुई है पीआइएल

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम के द्वारा देवघर में जमीन खरीदने का मामला झारखंड हाइकोर्ट तक पहुंच चुका है. रांची के रहने वाले राम अयोध्या शर्मा ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर अनामिका गौतम द्वारा खरीदी गयी जमीन का रजिस्ट्रेशन रदद् करने और जमाबंदी खारिज करने की मांग की है.

वहीं पिटीशनर ने इस जमीन खरीद प्रकरण की जांच एक सक्षम एजेंसी से करने की मांग कोर्ट से की है. इसके अलावा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जमीन खरीद के दौरान हुए पैसों के लेनदेन पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है.

पिटीशनर राम अयोध्या शर्मा के वकील राजीव कुमार के मुताबिक, निशिकांत दुबे के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गयी है. उसमें सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अनामिका गौतम एक सांसद की पत्नी हैं और वो ये नहीं कह सकती हैं कि उन्हें लैंड परचेज और पैसों के लेनदेन से संबंधित कानून की जानकारी नहीं है.

सासंद की पत्नी कानूनन कैश पेमेंट नहीं कर सकतीं: वकील

वकील ने कहा कि अनामिका गौतम ने जमीन की रजिस्ट्री करायी और उस दौरान पेमेंट कैश में किया. जबकि कानूनन वे ऐसा नहीं कर सकतीं. अब कानून यह कहता है kf इनकम टैक्स की धारा 271D में किसी भी परिस्थिति में एग्रीकल्चर लैंड या अदर रियल स्टेट परचेज में कोई भी व्यक्ति 20000 से ऊपर कभी भी कैश में पेमेंट नहीं करेगा.

अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उस परिस्थिति में कानून के तहत उनको पेनाल्टी की सजा है. जिसके तहत उस व्यक्ति से उतना ही अमाउंट, जितना उन्होंने कैश दिया है उससे वसूला जायेगा.

क्या लगे थे आरोप

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम पर गंभीर आरोप लगे थे. आरोप था कि देवघर में एलओकेसी धाम की रजिस्ट्री 29 अगस्त 2019 को की गयी. जिसकी रजिस्ट्री संख्या 770 है.

सांसद निशिकांत दुबे ने अपने राजनीतिक प्रभाव का जोर दिखाकर करीब 20 करोड़ की कीमतवाली प्रॉपर्टी सिर्फ तीन करोड़ में अपनी पत्नी के नाम खरीदी है. शि

कायतकर्ता ने इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की है. साथ ही मुख्य सचिव और देवघर उपायुक्त को भी शिकायत की कॉपी सौंपी गयी है. देवघर के बम्पास टाउन निवासी विष्णुकांत झा ने यह गंभीर आरोप लगाया है.

तीन करोड़ नगद भुगतान कर खरीदी प्रॉपर्टी
शिकायतकर्ता ने शिकायत के आवेदन के साथ रकम प्रप्ति की रसीद भी मुहैया करायी है. रसीद में इस बात का उल्लेख है कि प्रॉपर्टी खरीदने के लिए उनकी पत्नी की तरफ से तीन करोड़ नगद रुपये दिये गये. जो कि नियम के विरुद्ध हैं.

नोटबंदी के बाद से दो लाख से ज्यादा नगद देकर किसी भी चीज को खरीदने पर मनाही है. लेकिन सांसद की पत्नी अनामिका गौतम ने एक वेंडर को सात लाख और बाकी आठ वेंडरों को 2.93 करोड़ रुपये नकद देकर जमीन खरीदी है. जिसे शिकायतकर्ता की तरफ से गलत बताया गया है और उच्च स्तरीय जांच की कमेटी बना कर जांच करने को कहा गया है.

 

क्या कहते हैं सांसद :

गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया फेसबुक पोस्ट के जरिये दी है उन्होंने लिखा है कि

यह मेरे पत्नी के नाम से रजिस्ट्री है, देवघर में १० साल मैंने सर्किट हाउस में बिताकर यह ज़मीन लिया । 19 करोड़ 46 लाख के ज़मीन का 1 करोड़ 60 लाख राज्य सरकार का सही राजस्व दिया । लेकिन आज मुख्यमंत्री जी के इशारे पर मेरे उपर नगर थाना में मुक़दमा दर्ज हुआ । एक बलात्कार के आरोपी जो इसी कारण भाजपा से निष्कासित किए गए । पुलिस को जॉंच में जितना सहयोग चाहिए वह हम देंगे । लेकिन ख़ुशी केवल इस बात की है कि झारखंड में नेताओं को सजा या केश अभी तक बेनामी सम्पत्ति के लिए होता था, मेरे उपर केस मेरे नामी सम्पत्ति के लिए हुआ। जय शिव ।

सांसद निशिकांत दुबे का फेसबुक पोस्ट
सांसद निशिकांत दुबे का फेसबुक पोस्ट

सांसद ने पहले भी अपनी संपत्ति जांच कराने की चनौती दी है :

अमित अग्रवाल व नेताओं के खिलाफ सांसद ने जिस जमीन और संपत्ति की जांच करने की मांग की थी उसके जवाब में सांसद ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर झामुमो को चुनौती दी थी उन्होंने लिखा था

मैंने तो चिट्ठी लिख दी अमित अग्रवाल व नेताओं के सम्बन्ध में जॉंच कराने के लिए,पिछले १० साल से कॉंग्रेस के राष्ट्रीय दामाद बाड्रा जी के सम्बन्ध में पार्लियामेंट में बोल रहा हूँ,अब झारखंड मुक्ति मोर्चा को चुनौती है कि वह मेरे सम्पत्ति व विदेश दौरे के सम्बन्ध में जॉंच कराने की चिट्ठी प्रधानमंत्री जी को लिखे,यह प्रधानमंत्री मोदी जी की सरकार है,कोई भ्रष्टाचारी चाहे वह भाजपा का सांसद ही क्यों ना हो ,कोई नहीं बचेगा ।

 

अब देखने वाली बात यह होगी कि मुकदमे और दस्तावेज के बीच इस लड़ाई की जांच पुलिस किस गहराई से करती है और कोर्ट तमाम गवाहों सबूतों को मध्यनजर रखकर क्या फैसला सुनाती है ।

 

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