Home / ताजा खबर / जांच के विषय पर सवालों से भाग उठी महिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष ।

जांच के विषय पर सवालों से भाग उठी महिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष ।

जांच में अध्यक्ष की भूमिका पर उठ रहे थे सवाल ।

अभिषेक राज /हाल ही में जांच के नाम पर स्वामी विवेकानंद सुरक्षा आश्रम में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किये जाने पर साथ ही राष्ट्रपति के हाथों मानव सेवा सम्मान प्राप्त करने वाली वंदना दुबे के साथ अमानवीय व्यवहार करने के बाद उसी जांच के मामले में महिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कल्पना झा ने मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखा। इस दौरान वे आश्रम की संचालिका पर कई आरोप भी लगाए है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विगत 17 दिसंबर को उपायुक्त के आदेश पर आश्रम की जांच करने टीम के साथ गयी थी।

IMG-20181227-WA0015

 

उनके साथ बदसलूकी की गयी। जिसकी जानकारी वरीय पदाधिकारी को दे दी गयी है। जब उनसे सवाल किया गया कि वे किस चीज का जांच करने गयी थी तो उन्होंने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम 2015 के धारा 41 के तहत जांच किया गया। आश्रम इस अधिनियम के तहत निबंधित नहीं हैं जिसकी जानकारी वरीय पदाधिकारी को दे दी गयी। इस दौरान कई ऐसे सवाल निकलकर सामने आया था जो जांच के दौरान वीडियो फुटेज पर आधारित था,जैसे ही वो सवाल बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा दागा गया वो तनाव में आ गई एवं कैमरे के सामने उठकर भाग गई । उन्होंने एक ही रट लगाया हुआ था कि उपायुक्त के निर्देश पर वे जांच करने गयी थी। इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को दे दी गयी थी।

क्या है मामला :

मालूम हो कि मैं हूँ गोड्डा वेब पोर्टल में में बाल कल्याण समिति द्वारा विगत 17 दिसंबर की जांच के बाद “समिति के अध्यक्ष की भूमिका सवालों के घेरे में है। तथा राष्ट्रपति से सम्मानित बन्दना के साथ सरकारी तंत्रों ने किया अमानवीय व्यवहार “इस खबर को विगत दिनों प्रकाशित भी किया गया था। इसमें कल्याण समिति के अध्यक्ष द्वारा आश्रम के बच्चों से बेरूखी से पेश आयी थी साथ ही बच्चों से उलूल जूलूल सवाल पूछ रही थी। जिसके कारण एक बच्ची अवसाद का शिकार हो गयी है। उक्त बच्ची का इलाज सदर अस्पताल के चिकित्सक के निगरानी में अब भी चल रहा है। आश्रम के बच्चे पूरी तरह से हताश है।

20181227_202330

जांच टीम पर उठ रहे कई सवाल :

विगत 17 दिसंबर को टीम द्वारा किए गए जांच पर कई सवाल उठ रहे है। टीम में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नेतृत्व कर रही थी। इसके अलावे बाल सरंक्षण के जिला पदाधिकारी रितेश कुमार, डॉ मंटू टेकरीवाल, डॉ जुनैद आलम, पार्षद प्रीतम गाडिया भी मौजूद थे। ऐसे औचक जांच वो भी उस दिन जिस दिन घर मे पिता का वार्षिक श्राद्ध हो रहा हो उसके बावजूद बिना किसी इन्फॉर्मेशन जांच में आने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं ।

सवाल संख्या 1 :

आश्रम में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आंगतुक पंजी में अपना नाम दर्ज करना होता है। साथ आने का कारण, समय, वापस लौटते वक्त का समय भी दर्ज करना होता है। लेकिन जांच टीम के किसी भी सदस्य ने इसका पालन नहीं किया, आखिर क्यों?

सवाल संख्या 2 

अधिकांश गठित समिति द्वारा जांच टीम अपने स्तर से वीडियो रिकॉर्डिंग करायी जाती है। लेकिन समिति ने अपने साथ कोई वीडियो कैमरामैन को नहीं लाया था, बावजूद संचालिका द्वारा वीडिया कराये जाने पर उसे बंद क्यों कराया गया। सदस्यों द्वारा अपने व्यक्तिगत मोबाईल से वीडियो रिकॉर्डिंग बनवाया जा रहा था, क्या ये नियम का उल्लंघन नहीं है?

IMG-20181207-WA0120

सवाल संख्या 3 :

बाल कल्याण समिति द्वारा इसके पूर्व भी जांच में आ चुकी थी। जिसका फीडबैक उन्होंने रजिस्टर में दिया था। लेकिन 17 दिसंबर के जांच के बाद कोई फीडबैक नहीं दिया गया, आखिर क्यों?

सवाल संख्या 4 :
संचालिका द्वारा जो वीडियो क्लिप उपल्बध कराया गया है उसमें साफतौर पर अध्यक्ष कल्पना झा ने बाहर निकल कर ऑन द स्पॉट फेसला सुनाते हुए कहा कि इसे निबंधन नहीं मिल सकता है। टीम जांच के बाद रिपोर्ट अपने वरीय पदाधिकारी को समर्पित करतीं है, तब अध्यक्ष ने कैसे ऑन द स्पॉट फैसला सुना दिया ?

सवाल संख्या 5 :

IMG-20181227-WA0011

संचालिका वंदना दुबे को राजीव गांधी सेवा सद्भावना पुरस्कार से राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावे भी राज्यपाल, मुख्यमंत्री द्वारा सेवा के क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके है। लेकिन निरीक्षण के दौरान टीम का नेतृत्व कर रही अध्यक्ष ने उनसे काफी बेरूखी से बात कर रही थी, उनका बोलने या पूछना का लहजा भी काफी खराब था। क्या एक सम्मानित महिला के साथ एक पदाधिकारी द्वारा इस प्रकार का व्यवहार सही था?

सवाल संख्या 7 
अनाथ आश्रम जितने भूभाग में है उसका पूरा विवरण सरकार को दिया गया है बावजूद इसके जांच टीम लेकर निजी मकान में घुसना कहाँ तक सही ?साथ ही पिता के वार्षिक श्राद्ध के दिन बन्दना के पिता की फ़ोटो को नीचे रख देना कितना उचित ?

20181014_160921

सवाल संख्या 8
राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित ,कई पदाधिकारियों न्यायाधीशों द्वारा प्रोत्सहित बन्दना आज जांच में गलत कैसे ?

ऐसे इन सवालों के जवाब जांच टीम कब देगी ये तो जिला प्रशासन तय करेगी । लेकिन इस प्रकार महिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा का मीडिया के सवालों भाग जाना भी बहुत कुछ बयां कर गया।

About मैं हूँ गोड्डा (कार्यालय)

Check Also

सड़क दुर्घटना में एक की मौत,5 घायल,स्वास्थ्य विभाग की दिखी लापरवाही ।

सड़क दुर्घटना में एक की मौत,5 घायल,स्वास्थ्य विभाग की दिखी लापरवाही । महगामा/ महगामा गोड्डा …

10-25-2020 16:52:29×