Saturday , January 25 2020
Home / गोड्डा प्रखण्ड / खबर का असर |गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे को लेकर विभाग गंभीर, होगा पूरा ईलाज
IMG-20171208-WA0033

खबर का असर |गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे को लेकर विभाग गंभीर, होगा पूरा ईलाज

गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे को लेकर विभाग गम्भीर, होगा पूरा ईलाज

जन्म से ही बच्चे का सिर का आकार बड़ा

-सीएस ने दिया पूरा इलाज कराने का भरोसा

सुदूर क्षेत्र सुंदरपहाड़ी प्रखंड के रामपुर गांव में गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चा  परिजनों के साथ शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचा। रामपुर गांव के प्रधानटोला निवासी गंगाराम सोरेन का पुत्र सुरेन्द्र सोरेन(7 माह) का जन्म से ही जरूरत से ज्यादा सिर का आकार बड़ा है। उसका जन्म किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में कराया गया था। लेकिन जानकारी और अशिक्षा के कारण सात माह से गंगाराम सोरेन का पुरा परिवार इधर से उधर भटक रहा था। परिजनों ने बताया कि उसका इलाज जड़ी बुटी से भी कराया गया। लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। किसी स्वास्थ्य कर्मी के सलाह पर गंगाराम सोरेन शुक्रवार को अपने पूरे परिवार के साथ सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचा। जहां पर सीएस को पूरे मामले से अवगत कराया गया।
हाइड्रोसेफैलक रोग से पीड़ित है सुरेन्द्र :

सिविल सर्जन कार्यालय में ही सदर अस्पताल से शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक  डॉ जुनैद आलम से उसका जांच कराया गया। जांच में पता चला कि सुरेन्द्र हाइड्रोसेफैलक रोग से पीड़ित है। इस रोग में सिर का आकार दिनोदिन बड़ा होता है। सिर में पानी होने के कारण ही सिर का आकार बड़ा होने लगता है। ऑपरेशन के तहत इस बीमारी का इलाज संभव है। सिर में जमे पानी को पेट द्वारा निकाला जाता है। इसका इलाज रांची रिम्स में ही संभव है।
अशिक्षा बना इलाज न होने का कारण : सुरेन्द्र सोरेन का पूरा परिवार अशिक्षित है। इतना ही नहीं परिवार में किसी भी सदस्य को हिन्दी भाषा का ज्ञान नहीं है।  गंगाराम सोरेन अपने बच्चे का इलाज न करवा पाने का सबसे बड़ा कारण अशिक्षा ही बना। अगर समय रहते इसका इलाज पहले कराया होता तो शायद सुरेन्द्र की यह हालत नहीं होती। आज सुरेन्द्र का शरीर से तीन गुणा वजन उसके सिर का हो गया है।  इसे विडंबना ही कहा जा सकता है कि गंगाराम सोरेन अपने बच्चे को लेकर इलाज के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने में छह माह लगा दी। इस मामले ने एक बार फिर आदिवासियों के योजनाओं की पोल खोल कर रख दी है। झारखंड राज्य का गठन आदिवासियों के लिए ही किया गया था। लेकिन आज आदिवासी समाज हाशिये पर है। सुंदरपहाड़ी प्रखंड वैसे प्रखंडों में बेसुमार है जहां आदिवासियों के लिए दर्जनों प्रकार की योजना सरकार द्वारा चलायी जा रही है। लेकिन यहां पर शिक्षा स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं से आदिवासी, पहाड़िया आज भी वंचित है।
बच्चे का होगा पूर्ण इलाज : सीएस 

इस बाबत सिविल सर्जन डॉ बनदेवी झा पूरे मामले से अवगत होने के बाद कहा कि पीड़ित बच्चे का पूरा इलाज कराया जाएगा। इसमें कार्यालय से पत्र बनाकर कल्याण कार्यालय से पहले जो राशि रोग के जांच के लिए होती है उसे दिलाया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत बच्चे का इलाज करवाया जाएगा।

मैं हूँ गोड्डा से अभिषेक राज की रिपोर्ट

 

About मैं हूँ गोड्डा DESK

Check Also

IMG_20191231_085753

नेकी की दीवार : आपके पास अधिक हैं तो यहां पर दें और नहीं हैं तो यहां से लें ।

गोड्डा/एक कहावत है नेकी कर दरिया में डाल। लेकिन शहर में लोग नेकी को दरिया …

Leave a Reply

Your email address will not be published.

01-24-2020 23:45:02×